हेड एंड नेक कैंसर: कारण, लक्षण और समय पर उपचार की जानकारी
डॉ. विशाल बंसल, सीनियर कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, जीवन आशा हॉस्पिटल एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, मुरगनगर, गाजियाबाद, ने बताया कि भारत में हेड एंड नेक कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। तंबाकू का सेवन एक प्रमुख जोखिम कारक है, जो गैर-तंबाकू उपयोगकर्ताओं की तुलना में इस कैंसर के विकास की संभावना को 10 गुना बढ़ाता है। वास्तव में, हेड एंड नेक कैंसर के लगभग 80% नए मामले तंबाकू के सेवन से जुड़े होते हैं।
जीवन आशा हॉस्पिटल और रिहैबिलिटेशन सेंटर, मुरादनगर, गाजियाबाद में स्थित सौरभ सागर संस्था के द्वारा साँचिल अस्पताल है जो शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों, कैंसर रोग एवं अन्य सामन्य रोग , हड्डी रोग , नेत्र रोग जैसी सुविधाओं के साथ ही विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए समर्पित है।
हॉस्पिटल में विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं
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सी टी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, उपकरण, 50 बेड और प्रशासनिक भवन, मॉडुलर ऑपरेशन थिएटर, एवं आई .सी .यु ,खून की जांचे सुविधएं शामिल है
हॉस्पिटल में अनुभवी डॉक्टर, कुशल नर्स और सपोर्ट स्टाफ की टीम है, और यह अपनी सहानुभूतिपूर्ण और व्यक्तिगत देखभाल के लिए जाना जाता है
हेड एंड नेक कैंसर (HNC): एक विस्तृत विवरण
हेड एंड नेक कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो मुंह, नाक, गला, लारिंक्स, साइनस और लिवाल ग्लैंड्स जैसे क्षेत्रों में विकसित होता है। इनमें से 90% से अधिक कैंसर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (HNSCC) होते हैं, जो इन क्षेत्रों की पतली, सपाट कोशिकाओं से उत्पन्न होते हैं।
प्रारंभिक चेतावनी संकेत:
– लगातार गले में खराश
– निगलने में कठिनाई
– आवाज में बदलाव
– बिना कारण वजन कम होना
– मुंह/गले में गांठ या घाव
निवारण और उपचार:
प्रारंभिक अवस्था में पता चलने पर हेड एंड नेक कैंसर का इलाज संभव है। डॉ. बंसल तंबाकू छोड़ने और अच्छी मौखिक स्वच्छता बनाए रखने की सलाह देते हैं। उपचार विकल्पों में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी शामिल हैं।
भारत में हर साल लगभग 1.75 लाख नए हेड एंड नेक कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनमें से 90% तंबाकू और गुटखा के कारण होते हैं।